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जानिए क्या है CBI और कैसे करती है CBI काम?

सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण के बाद जब CBI जाँच की मांग तेज़ हुई और आखिरकार मामला CBI के पास पहुँच ही गया, तो ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आखिर CBI किसी राज्य के पुलिस से कैसे अलग है और कैसे काम करती है?

 CBI का इतिहास

CBI का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा हैं। दूसरे विश्वयुद्ध में ब्रिटिश सरकार का सारा ध्यान यूरोप में था और भारत मे इधर अधिकारियों और कारोबारियों ने लूट मचा दिया। चुकी इस मामले की जांच राज्य की पुलिस नही कर सकती है इसलिए 1941 में स्पेशल पुलिस इस्टेबलिशमेंट(SPI) की स्थापना हुई। बाद में 1946 में दिल्ली स्पेशल पुलिश इस्टेबलिशमेंट अधिनियम(DPSE एकट) पारित हुआ और इसके साथ ही विशेष पुलिश बल गृहमंत्रालय के अधीन चला गया। आज भी CBI का कार्यक्षेत्र 1946 के DPSE एक्ट से ही निर्धारित होता हैं।

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CBI कैसे काम करती हैं

CBI की दो शाखा हैं, पहला आर्थिक अपराध शाखा और दूसरा सामान्य अपराध शाखा हैं। आर्थिक अपराध शाखा घूसखोरी,भ्रष्टाचार और घोटाला जैसे मामले की जांच करती हैं। जबकि, सामान्य अपराध शाखा हत्या, किडनैपिंग और बलात्कार जैसे मामलों की जांच करती है। शुरुवात में CBI सिर्फ आर्थिक अपराध वाले मामले की जांच करती थी लेकिन लेकिन 1965 के बाद से हत्या,किडनैपिंग, बलात्कार और आंतकी गतिविधियां भी इसके दायरे में आ गए। हालांकि, अब आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच NIA करती है ।

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अब यह जानना जरूरी है कि आखिर किस तरह या किस आधार पर किसी मामले के जांच CBI के पास जाती हैं? तो इसके लिए आप हमारे वीडियो को पूरा जरूर देखिए। CBI तीन परिस्थितियों में ही किसी मामले की जांच कर सकती हैं, पहला अगर राज्यसरकार खुद सिफारिस करे, दूसरा राज्यसरकार सहमति दे और तीसरा भारत का कोई भी हाइकोर्ट या सुप्रीमकोर्ट आदेश दे।

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आपको बता दु की सुशांत सिंह प्रकरण में CBI जांच की मंजूरी बिहार सरकार के सिफारिस के बाद में ही मिली थी, पटना में FIR दर्ज होने के बाद बिहार सरकार को सिफारिस और आदेश देने का अधिकार प्राप्त हो गया था। हालांकि रिया ने CBI जांच रोकने की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दी थी लेकिन ये अर्जी खारिज हो गयी।

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अब आखिर में यह जानना जरूरी है कि CBI निदेशक की नियुक्ति कैसे होती हैं, तो आपको बता दु की CBI निदेशक की नियुक्ति एक कमिटी करती है जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस या उनके द्वारा मनोनीत कोई जज होते हैं।

वर्तमान में CBI के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला है जबकि CBI के पहले निदेशक डी पी कोहली थे। CBI जांच से जुड़ी सुनवाई CBI की विशेष अदालत में होती है। CBI की विशेष अदालत पटना में है और ऐसा अनुमान है कि सुशांत प्रकरण के आरोपियों को भी CBI के पटना अदालत में ही पेश होना होगा।

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आपको बता दु CBI के निष्पक्षता पर हमेशा से सवाल उठता रहा हैं। जो भी विपक्ष में रहता है वो CBI को सरकार और सत्ता पक्ष का तोता बताता रहा हैं। लेकिन सुशांत प्रकरण के बाद लोगो ने अपना भरोषा CBI पर कायम रखा हैं। हालांकि, CBI कई मामलों में अभी तक अपनी जांच पूरी नही कर पाई जैसे जज लोया हत्याकांड और दाभोलकर हत्याकांड। अब देखना दिलचस्प होगा कि सुशांत प्रकरण में CBI किस नतीजे पर पहुँचती हैं।

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